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कैसे हुई थी IPL की शुरुआत? वो सपना जिसके लिए ललित मोदी ने झोंकी जान

नई दिल्ली: क्रिकेट की दुनिया की सबसे अमीर और सबसे मशहूर लीग- इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के 15वें सीजन की शुरुआत 31 मार्च से हो रही है. इस दौरान पूरे क्रिकेट जगत की नजरें इसी लीग पर होंगी. आईपीएल वो लीग बन चुकी है जिसमें इस दुनिया का हर क्रिकेटर खेलना चाहता है. लेकिन क्या आपको पता है कि इस लीग की शुरुआत कैसे हुई थी. ये लीग किसके दिमाग की उपज थी और किस तरह से आईपीएल के लिए सारा तामझाम इकट्ठा किया गया. ये सभी जानते हैं कि लीग का पहला सीजन 2008 में खेला गया था और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के उस समय के उपाध्यक्ष ललित मोदी ने इस लीग की शुरुआत की थी, लेकिन कहानी इससे कहीं ज्यादा है. आईपीएल से पहले भारत में एक और क्रिकेट लीग शुरू हुई थी. इस लीग का नाम था इंडियन क्रिकेट लीग यानी आईसीएल. बीसीसीआई ने हालांकि इस लीग को अपनी मंजूरी नहीं दी थी और इसी कारण इसे बागी लीग कहा गया. इस लीग में जिन खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था उन्हें बीसीसीआई ने बैन कर दिया था.इसी के बाद आईपीएल आया और कहा जाता है कि ये आईएसएल का जवाब था. इस बीच भारत ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टी20 विश्व कप जीता था और ये भी कहा गया कि इसी के बाद आईपीएल की प्लान दिमाग में आया. ये भी पढ़ें- धोनी की बल्लेबाजी पर फैंस का हल्ला बोल स्टेडियम में मच गया तहलका, देखें Video

काफी पहले का आइडिया

लेकिन ये पूरा सच नहीं है. लीग के पहले कमिश्नर और बीसीसीआई के पूर्व उपाध्यक्ष ललित मोदी ने काफी पहले इस तरह की लीग की प्लानिंग की थी. ललित मोदी ने 1996 में ही इस तरह की लीग कराने के विचार किया था. उस समय वह मोदी इंटरटेनमेंट नेटवर्क के मालिक थे और उनकी कंपनी ने ईएसपीएन के साथ एक ज्वाइंट वेंचर बनाया. बीसीसीआई ने भारतीय टीम के मैचों के अधिकार ईएसपीएन को बेचे थे. उसी दौरान ललित मोदी ने एक पेशेवर लीग आयोजित करने की प्लान किया और ये आइडिया उन्हें अमेरिकी पेशेवर स्पोर्ट्स को समझने के बाद आया. मोदी ने 1996 में अपने सपने को सच करने की ठानी और इंडियन क्रिकेट लीग नाम से शहर आधारित लीग आयोजित करने का सोचा. उन्होंने सोचा था कि टीम को फ्रेंचाइजी की तौर पर बेचा जाएगा और ईएसपीएन इसके मैचों का प्रसारण करेगा. साथ ही बीसीसीआई को वार्षिक तौर पर रॉयल्टी दी जाएगी. बीसीसीआई ने इस लीग को अपनी मंजूरी दे दी और साथ ही अपने खिलाड़ियों और मैदानों के इस्तेमाल के लिए भी हामी भर दी. इसके बाद मोदी ने खिलाड़ियों को शामिल करने के लिए जमकर पैसा बहाया लेकिन उस समय बीसीसीआई के एक अधिकारी ने मोदी से इसके लिए रिश्वत मांगी और मोदी ने इसे देने से मना कर दिया. इसी के साथ मोदी का सपना भी टूट गया. द क्विंट न अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि ये सभी बातें मोदी ने कोलंबिया बिजनेस स्कूल में कही थीं. ये भी पढ़ें- भारतीय क्रिकेटर केदार जाधव के पिता हुए लापता, पुलिस ने कुछ ही घंटों में खोज निकाला

2007 में फिर की शुरुआत

2007 आते-आते क्रिकेट काफी बदल चुका था और टी20 फॉर्मेंट ने अपना वर्चस्व कायम कर दिया था. यहीं मोदी ने अपने सपने को सच करने के बारे में दोबारा से सोचा और इस बार उन्होंने टी20 लीग आयोजित करने के बारे में विचार किया. मोदी उस समय बीसीसीआई के उपाध्यक्ष थे. अपने सपने को सच करने के लिए उन्होंने इंग्लैंड जाकर उस समय आईएमजी वर्ल्ड के उपाध्यक्ष एंड्रयू विल्डब्लड से मुलाकात की. इन दोनों ने भारत के घरेलू टूर्नामेंट्स और इन सभी के रहते आईपीएल को कैसे सफल बनाया जाए इसे लेकर बात की.

बीसीसीआई ने दी हरी झंडी

मोदी को बीसीसीआई से मंजूरी मिलने का इंतजार था और 10 सितंबर 2007 को उस समय के बीसीसीआई अध्यक्ष शरद पवार ने मोदी को लीग के आयोजन के लिए 25 मिलियन डॉलर यानी तकरीबन दो करोड़ 50 लाख भारतीय रुपये का चेक दिया. ये पैसा इसलिए दिया गया ताकि वह आईपीएल के लिए खिलाड़ियों को खरीद सकें. इसके दो दिन बाद यानी 12 सितंबर को मोदी ने आईपीएल लॉन्च कर दिया. मोदी ने 2007 में टी20 विश्व कप के दौरान खिलाड़ियों से बात की और उन्हें इस लीग में मिलने वाली रकम, सुविधाओं के बारे में बताया. इसके बाद खिलाड़ी लीग के साथ जुड़ने को तैयार हो गए. ये भी पढ़ें- साउथ अफ्रीकी टीम का हुआ ऐलान तो हार्दिक पंड्या को हो गया सिरदर्द, लग गया झटका

अलग-अलग बोर्ड्स से की मुलाकात

इस लीग में विदेशी खिलाड़ियों को भी खेलना था और ऐसे में मोदी जानते थे कि विदेशी बोर्ड्स को मानना होगा ताकि वह अपने खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने के लिए एनओसी दें. मोदी अलग-अलग देशों के क्रिकेट बोर्ड से बात की और उन्हें मनाया. सभी बोर्ड मान गए थे लेकिन इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड नहीं माना, लेकिन फिर भी मोदी ने लीग शुरू की और पहले सीजन में पाकिस्तान के खिलाड़ी भी खेलते हुए नजर आए. इस लीग में फ्रेंचाइजियों की बोली लगीं जिसमें मुंकेश अंबानी ने मुंबई, शाहरुख खान ने कोलकाता, प्रीति जिंटा ने पंजाब, विजय माल्या ने बेंगलुरू, राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी ने राजस्थान, मीडिया हाउस डेक्कन क्रॉनिकल ने हैदराबाद फ्रेंचाइजी खरीदीं. पहले ये लीग आठ टीमों की लीग हुआ करती थी.पिछले साल इस लीग में टीम की संख्या को बढ़ाया गया और इसे 10 कर दिया गया.

source https://www.tv9hindi.com/sports/cricket-news/how-ipl-started-lalit-modi-planned-it-long-before-ipl-2023-bcci-au149-1790462.html

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