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4 महीने की दूरी बनी वरदान, हार्दिक पंड्या तक ऐसे पहुंची टीम इंडिया की ‘कमान’

Hardik Pandya 40

ठीक एक साल पहले तक किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि 2022 का अंत ऐसा होगा. एक साल तो दूर, 8-9 महीने पहले तक भी इसकी संभावना नहीं दिख रही थी. मंगलवार 27 दिसंबर को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की सेलेक्शन कमेटी ने श्रीलंका के खिलाफ टी20 और वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान किया, जिसमें हार्दिक पंड्या को टी20 टीम की कप्तानी दी गई, जबकि वनडे में उप-कप्तान बनाया गया. सीधा संकेत कि रोहित शर्मा के बाद अब नेतृत्व की जिम्मेदारी उनको ही मिलेगी. एक साल पहले जो हार्दिक पंड्या टीम इंडिया के आस-पास भी नहीं थे, वो अचानक कैसे यहां तक पहुंच गए?

इसकी शुरुआत पिछले टी20 विश्व कप 2021 से हुई, जहां हार्दिक पंड्या से टीम इंडिया को बहुत उम्मीदें थीं लेकिन वह न तो बल्ले से कुछ कमाल कर पाए और न ही गेंद से. इसका बड़ा कारण उनकी फिटनेस थी. पीठ की तकलीफ के कारण टेस्ट टीम से हाथ धोने वाले हार्दिक लगातार इस परेशानी के चलते लगातार गेंदबाजी नहीं कर पा रहे थे, जिसने भारतीय टीम के संतुलन को बिगाड़ा. ऐसे में विश्व कप के शुरुआती दौर में बाहर होने के बाद हार्दिक पंड्या समेत कई खिलाड़ियों को ड्रॉप किया गया.

4 महीनों का मांगा वक्त

यहीं से ही हार्दिक ने वापसी की ओर पहला कदम बढ़ाया. हार्दिक ने BCCI से करीब 4 महीनों का समय मांगा और खुद को चयन के लिए अनुपलब्ध बता दिया. इस पर तब खासे सवाल भी उठे थे. फिर भी सेलेक्टर्स ने उन्हें मौका दिया. या कहें हार्दिक ने खुद को मौका दिया. हार्दिक ने अगले 4 महीनों तक अपनी फिटनेस पर जमकर काम किया. खुद को पहले एक पूरे टी20 मैच तक तैयार किया, जिसमें बल्लेबाजी के साथ ही मुख्य रूप से गेंदबाजी पर फोकस था. हार्दिक की पीठ जैसे-जैसे बेहतर होती गई, वो गेंदबाजी में खुद को मजबूत करते रहे.

IPL और कप्तान हार्दिक का ‘जन्म’

फिर आया IPL सीजन. करियर की शुरुआत मुंबई इंडियंस के साथ करने वाले हार्दिक इस बार इस फ्रेंचाइजी से अलग हुए और अपने राज्य गुजरात की नई फ्रेंचाइजी गुजरात टाइटंस ने उन्हें कप्तान बना दिया. हार्दिक ने इससे पहले किसी भी स्तर पर कप्तानी नहीं की थी और ऐसे में इसे चौंकाने वाला दांव माना जा रहा था. उस पर से हार्दिक की फिटनेस भी अभी तक साबित नहीं हुई थी.

अगले दो महीनों में हार्दिक ने न सिर्फ अपनी फिटनेस साबित की, लगभग हर मैच में खूब गेंदबाजी की, बल्कि कप्तानी में अपनी नेतृत्वक्षमता का परिचय भी दिया, जो एक बार फिर सबके लिए चौंकाने वाला साबित हुआ. हार्दिक की कप्तानी में नई टीम गुजरात टाइटंस ने पहले ही सीजन में खिताब जीत लिया.

खुद हार्दिक इस जीत के नायक रहे. गुजरात के कप्तान ने टीम के लिए सबसे ज्यादा 487 रन बनाए और 30 ओवर करते हुए 8 विकेट भी हासिल किए.

टीम इंडिया में वापसी, दिखाया जलवा

हार्दिक के प्रदर्शन और उनके फिटनेस ने न सिर्फ टीम इंडिया का एक बड़ा सिरदर्द दूर किया, बल्कि सेलेक्टर्स के सामने लीडरशिप का एक अच्छा विकल्प भी पेश किया. जून में आयरलैंड दौरे पर हार्दिक को टी20 सीरीज के लिए पहली बार भारत का कप्तान बनाया गया और हार्दिक ने निराश नहीं किया. भारत ने सीरीज जीती. यहां से बतौर लीडर हार्दिक की अहमियत बढ़ती गई.

फिर इंग्लैंड में टी20 और वनडे सीरीज और एशिया कप में बिना किसी तकलीफ के अपने प्रदर्शन से भी हार्दिक ने टीम मैनेजमेंट के सामने इतना साफ कर दिया कि वह अब टीम के नियमति सदस्य होने के साथ ही नेतृत्व के लिए भी तैयार हैं.

करीब है ताजपोशी!

फिलहाल नई सेलेक्शन कमेटी की नियुक्ति का इंतजार है, जिस कारण भारतीय बोर्ड अभी तक टीम इंडिया में नेतृत्व बदलाव को शुरू नहीं कर रहा है लेकिन साफ है, कि जैसे ही नई सेलेक्शन कमेटी आएगी, उसका सबसे पहला फैसला कम से कम टी20 फॉर्मेट में हार्दिक की ताजपोशी करना ही होगा.



source https://www.tv9hindi.com/sports/cricket-news/ind-vs-sl-hardik-pandya-rise-to-captaincy-indian-cricket-team-t20i-series-au84-1633481.html

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