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WTC Final: रोहित शर्मा-विराट कोहली को लोकल गेंदबाजों का सहारा, बड़ी कमजोरी मिटाने के लिए की प्रैक्टिस

WTC Final: रोहित शर्मा-विराट कोहली को लोकल गेंदबाजों का सहारा, बड़ी कमजोरी मिटाने के लिए की प्रैक्टिस

नई दिल्लीः वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए टीम इंडिया लंदन पहुँच चुकी है और ओवल मैदान पर अभ्यास भी शुरू कर चुकी है. अब बड़ा मुक़ाबला है तो कमजोरियों को दूर करना ही होगा और हर बार की तरह एक खास कमजोरी पर जमकर काम हो रहा है. वो कमजोरी, जिसने रोहित और विराट कोहली जैसे दिग्गजों को खूब परेशान किया है और यही पहली प्रैक्टिस की हाईलाइट भी रही.

रोहित शर्मा के नेतृत्व में भारतीय खिलाड़ियों ने रविवार 4 जून को पहली बार इस मैदान प्रैक्टिस की. इस दौरान टीम के सभी प्रमुख बल्लेबाजों ने अपने हाथ साफ किए. इस प्रैक्टिस में खास तौर पर कप्तान रोहित और विराट कोहली ने तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट का लंबे वक्त तक सामना किया. वजह? आगे आपको बताते हैं.

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बड़े खतरे से बचने की तैयारी

लंदन में इस फाइनल को कवर कर रहे स्वतंत्र पत्रकार संदीपन बनर्जी ने रविवार को टीम इंडिया की प्रैक्टिस सेशन के बारे में अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो के जरिये जानकारी दी. इस वीडियो में उन्होंने बताया कि टीम इंडिया के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट ने लंबे वक्त तक गेंदबाजी की. अब सवाल ये है कि उनादकट के खेलने की संभावना बेहद कम है. फिर भी उन्होंने क्यों नेट्स पर गेंदबाजी की?

इसका एक जवाब है- खुद को तैयार रखना. दूसरा और सबसे अहम जवाब है- भारतीय बल्लेबाजों को खास कमजोरी के खिलाफ अभ्यास करवाना. ये कमजोरी है- बाएं हाथ के तेज गेंदबाज. रोहित शर्मास विराट कोहली समेत टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाजों की बाएं हाथ के पेसरों के सामने आउट होने की परेशानी जगजाहिर है. इंग्लैंड की परिस्थितियों में ये और भी ज्यादा उभरकर सामने आती रही है.

स्टार्क साबित होंगे चुनौती

यही कारण है कि स्क्वॉड में मौजूद एकमात्र लेफ्ट आर्म पेसर उनादकट ने कोहली-रोहित को लंबे समय तक गेंदबाजी की. सिर्फ वो ही नहीं, बनर्जी के मुताबिक टीम इंडिया के नेट्स में कई स्थानीय पेसर भी गेंदबाजी कर रहे थे, जिनमें ज्यादातर बाएं हाथ के गेंदबाज हैं. साफ है, टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज लेफ्ट आर्म स्पीडस्टर मिचेल स्टार्क को सबसे बड़ा खतरा माना है और उनसे निपटने की तैयारी जोर-शोर से हो रही है.

स्टार्क ने वैसे भी दो महीने पहले ही टीम इंडिया को झकझोर दिया था. मार्च में वनडे सीरीज में उन्होंने 3 मैचों में 8 विकेट हासिल किये थे, जिसमें 3 विकेट मुंबई में और 5 विशाखापट्टनम में निकाले थे. उनके शिकार रोहित शर्मा, विराट कोहली, शुभमन गिल और सू्र्यकुमार यादव जैसे बल्लेबाज थे.

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रिकॉर्ड दमदार, फिर भी खबरदार

वैसे स्टार्क के खिलाफ टीम इंडिया के शीर्ष बल्लेबाजों के रिकॉर्ड टेस्ट में ज्यादा खराब नहीं हैं. कोहली ने 17 पारियों में स्टार्क का सामना किया है और सिर्फ 3 बार आउट हुए हैं, जबकि 219 रन स्टार्क के खिलाफ बनाए हैं. वहीं रोहित शर्मा को तो 12 पारियों में वह एक बार भी आउट नहीं कर सके हैं, जबकि रोहित ने स्टार्क पर 95 रन बनाए हैं. इसी तरह चेतेश्वर पुजारा ने स्टार्क के खिलाफ 23 पारियों में 238 रन बनाए हैं और सिर्फ 2 बार आउट हुए हैं.

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रिकॉर्ड भले ही बता रहा हो कि स्टार्क के खिलाफ भारतीय बल्लेबाज अच्छे साबित हुए हैं, लेकिन फाइनल जैसे बड़े गेम में स्थिति पलटना बड़ी बात नहीं है. खास तौर पर इंग्लैंड में, जहां गेंद काफी स्विंग होती है और स्टार्क की 150 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार वाली गेंदों का स्विंग के साथ कॉकटेल घातक साबित हो सकता है. इसलिए दुर्घटना से बचने के लिए खुद को तैयार रखना जरूरी है.

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source https://www.tv9hindi.com/sports/cricket-news/rohit-sharma-virat-kohli-left-arm-fast-bowlers-practice-ind-vs-aus-wtc-final-oval-1901441.html

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