
दिल्ली के बाद यूपी टी20 लीग में भी मैच फिक्सिंग की खबरें सामने आने लगी हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक एक खिलाड़ी को लीग शुरू होने से पहले बाहर कर दिया गया था. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एंटी करप्शन की शिकायत के बाद यूपी क्रिकेट एसोसिएशन ने ऋतिक वत्स को लीग शुरू होने से पहले ही निकाला था. ये खिलाड़ी मेरठ मेवरिक्स टीम से खेलता था. ये खिलाड़ी 14 सितंबर, 2024 को मेरठ मेवरिक्स के लिए आखिरी मैच खेला था. बता दें बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट के खिलाड़ी ने शिकायत की थी कि एक खिलाड़ी ने दिल्ली और यूपी के खिलाड़ियों को संपर्क किया था, जिसके बाद यूपीसीए ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ऋतिक वत्स को निकाल दिया.
कौन हैं ऋतिक वत्स?
ऋतिक वत्स मेरठ मेवरिक्स के लिए महज दो ही मैच खेले. इस खिलाड़ी ने अयोध्या प्रीमियर लीग में कमाल बैटिंग कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था. उन्होंने यमुना सुपरकिंग्स के खलाफ 38 गेंदों में नाबाद 81 रन बनाए थे. उन्होंने आखिरी ओवर में लगातार पांच छक्के मारकर सनसनी मचा दी थी जिसके बाद वो यूपी टी20 लीग में भी खेले. ऋतिक वत्स मिडिल ऑर्डर में बैटिंग के साथ-साथ लेग स्पिन भी करते हैं. लेकिन अब महज 23 साल का ये खिलाड़ी मैच फिक्सिंग के मामले में फंसता दिख रहा है.
दिल्ली प्रीमियर लीग में भी फिक्सिंग की कोशिश
सिर्फ यूपी प्रीमियर लीग नहीं दिल्ली प्रीमियर लीग में भी फिक्सिंग की कोशिश की गई. युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज वंश बेदी को दिल्ली प्रीमियर लीग में मैच फिक्सिंग की पेशकश की गई थी जिसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी एसीयू को दी. दिल्ली प्रीमियर लीग में ये खिलाड़ी सेंट्रल दिल्ली टीम का हिस्सा था. वंश 2025 में इंडियन प्रीमियर लीग टीम चेन्नई सुपर किंग्स के साथ भी रहे थे, लेकिन चोट के कारण बाद में उनकी जगह उर्विल पटेल को टीम में शामिल किया गया था.
तहलका के एक स्टिंग ऑपरेशन में नगालैंड के तेज गेंदबाज रचित भाटिया को आईपीएल और राज्य स्तरीय लीग में मैच फिक्सिंग, स्पॉट फिक्सिंग और बच्चों को आयु वर्ग की टीम में शामिल कराने के लिए उनके माता-पिता से पैसे लेने संबंधी दावे करते हुए दिखाया गया था. इसके बाद यह सामने आया कि डीपीएल के दौरान बेदी से भी कथित तौर पर संपर्क किया गया था. उन्होंने हालांकि एसीयू के तय नियमों का पालन करते हुए इसकी जानकारी तत्काल अधिकारियों को दे दी.
source https://www.tv9hindi.com/sports/cricket-news/up-t20-league-fixing-reports-dpl-vansh-bedi-3914354.html