केंद्र सरकार 1 फरवरी को आम बजट के साथ रेल बजट पेश करने जा रही है। बता दें कि पहले रेल बजट अलग से पेश किया जाता था, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से आम बजट के तहत ही रेल बजट को भी लाया जाता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना चौथा बजट पेश करेंगी और सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार इस बार रेल बजट के परिव्यय में 15-20 फीसदी की बढ़ोतरी करने जा रही है। पिछले साल सरकार ने रेलवे को 1,10,055 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। इस बार करीब ढाई लाख करोड़ रुपये की राशि निर्धारित किए जाने की संभावना है।
बजट से पहले रेलवे से जुड़े कई सेक्टरों में उत्साह का माहौल है। केंद्र सरकार यात्रियों के लिए नई रेलवे सुविधाओं की घोषणा कर सकती है। पिछले एक साल में रेलवे को 26,338 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। हालांकि, कोविड के कारण हुए नुकसान के बावजूद, विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेन के किराए में बढ़ोतरी की संभावना न के बराबर है।
यह भी कहा गया है कि रेलवे अपनी कमाई बढ़ाने के लिए किराया बढ़ाने को छोड़कर अन्य उपायों पर भी विचार कर रहा है। कोविड के दौर में रेलवे की ज्यादातर कमाई माल ढुलाई से हुई। इसलिए रेलवे द्वारा अलग-अलग फ्रेट कॉरिडोर तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। अब इसमें और तेजी लाई जा सकती है, जिससे यात्री ट्रेनों पर दबाव भी कम होगा।
रेल बजट में लंबी दूरी की यात्रा के लिए करीब 10 नई लाइट ट्रेनों (एल्यूमीनियम से बनी) की घोषणा की जा सकती है। चुनावी राज्यों और मेट्रो शहरों की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है। इनके लिए सरकार कुछ निजी कंपनियों को शामिल कर सकती है। दिल्ली और वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन का भी ऐलान हो सकता है।
बताया जा रहा है कि बिजली और डीजल पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए भारतीय रेलवे में सौर ऊर्जा क्षमता विकसित की जाएगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय रेल योजना में 2030 तक शत-प्रतिशत विद्युतीकरण के लक्ष्य की घोषणा की जा सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पीपीपी मॉडल के जरिए स्टेशनों की बेहतरी के लिए पुनर्विकास परियोजनाओं की घोषणा की जाएगी। इसके लिए 12 कॉरिडोर की पहचान की गई है। इसमें कई कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई थी।
वहीं, इस साल सरकार रेल विकास प्राधिकरण के गठन की भी घोषणा कर सकती है, जो किराए से जुड़े मुद्दों पर सरकार को सुझाव देगा। साथ ही देश भर के विभिन्न पर्यटन स्थलों को जोड़ने के लिए तेजस जैसी और परियोजनाओं के विकास के लिए योजनाओं को लागू किए जाने की संभावना है।
बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सरकार बड़े ऐलान भी कर सकती है। इस बजट में 500 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की घोषणा की जा सकती है, जिसे सरकार द्वारा 'कायाकल्प' नाम दिया जाएगा।
]]>