
Gautam Gambhir on Vaibhav Sooryavanshi: अफगानिस्तान के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई तीन मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम ने भले ही दमदार प्रदर्शन किया हो, लेकिन 15 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को एक भी मैच में मौका न दिए जाने को लेकर क्रिकेट फैंस में खासी नाराजगी देखने को मिली. जिम्बाब्वे दौरे पर प्लेयर ऑफ द सीरीज रहकर 151 रन कूटने वाले सूर्यवंशी को पूरी सीरीज के दौरान बेंच पर बैठना पड़ा. सीरीज सील होने के बाद खेले गए आखिरी मुकाबले में भी उन्हें आजमाने के बजाए मैनेजमेंट ने सीनियर विकेटकीपर संजू सैमसन को ही तरजीह दी. ऐसे में सीरीज खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में हेड कोच गौतम गंभीर ने इस फैसले के पीछे की सीधी और साफ वजह बताई.
संजू सैमसन पर गंभीर का भरोसा
गंभीर ने साफ किया कि टीम का टारगेट उसी कॉम्बिनेशन के साथ आगे बढ़ना था जिसने भारत को टी20 वर्ल्ड कप का चैंपियन बनाया था. हेड कोच ने कहा कि संजू सैमसन ने पिछले कुछ सालों में भारतीय टीम के लिए शानदार काम किया है. कोई भी खिलाड़ी बिना हुनर के वर्ल्ड कप का प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट नहीं बनता. इंग्लैंड सीरीज के दौरान सैमसन को ड्रॉप करके सूर्यवंशी को मौका देने के फैसले को गंभीर ने अपने कोचिंग करियर का सबसे मुश्किल फैसला करार दिया.
गंभीर के मुताबिक, तीन-चार मैचों में फ्लॉप रहने से कोई खिलाड़ी खराब नहीं हो जाता. जो टीम लगातार अजेय रहकर वर्ल्ड कप जीती हो, उसके अहम खिलाड़ियों को एक सीरीज की नाकामी के आधार पर एकदम से बाहर नहीं किया जा सकता. संजू सैमसन ने भी कोच के इस भरोसे को सही साबित किया. उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ 3 मैचों में दो अर्धशतक जड़ते हुए 117 रन बनाए और अपनी लय हासिल की.
वैभव सूर्यवंशी को इंतजार करना होगा
वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा पर बात करते हुए गंभीर ने कहा कि उनके टैलेंट पर किसी को कोई शक नहीं है, लेकिन सीनियर खिलाड़ियों की मौजूदगी में उन्हें धैर्य रखना होगा. गंभीर ने साफ किया, ‘वैभव के साथ हमारी बातचीत बिल्कुल साफ रही है कि उन्हें अपने मौके का इंतजार करना होगा. हम सब जानते हैं कि उनमें कितना टैलेंट है और वो क्या कर सकते हैं. लेकिन जिसने सालों तक लगातार प्रदर्शन किया है, वह हमेशा नए आने वाले खिलाड़ी से आगे रहेगा.’
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जब भी वैभव को मौका मिलेगा, उन्हें टीम में लंबा रन दिया जाएगा ताकि वो खुद को साबित कर सकें. कोच ने आगे कहा कि भारतीय क्रिकेट की यही खूबी है कि ड्रेसिंग रूम में कड़ा मुकाबला और बेहतरीन टैलेंट मौजूद है. चाहे कोई खिलाड़ी 15 साल का हो या 30 साल का, अपनी बारी का इंतजार हर किसी को करना पड़ता है. ऐसे में अफगानिस्तान सीरीज से बाहर रहने के बाद अब क्रिकेट फैंस की नजरें आगामी जापान टी20 इंटरनेशनल सीरीज और एशियन गेम्स पर टिकी हैं, जहां युवा वैभव सूर्यवंशी को मैदान में जलवा बिखेरने का मौका मिल सकता है.
source https://www.tv9hindi.com/sports/cricket-news/ind-vs-afg-gautam-gambhir-explains-why-vaibhav-sooryavanshi-benched-for-sanju-samson-3909908.html